"गुरु की बात,जन्मदिन के साथ"
श्रीमती साहिबा मैम को जन्मदिन की कोटि-कोटि हार्दिक शुभकामनाएं🙏🏻
ईश्वर से विनय है कि प्रभु आपकी सभी इच्छाएं सदैव प्रभु पूर्ण करें व निम्नलिखित पंक्तियों के माध्यम से खुदा से मेरी दुआ यह है कि
मैं अपनी किस्मत पर खुश होता हूँ, जिसके भरोसे मुझे आपका स्नेह और आशीर्वाद मिला।
आपका शुभ नाम साहिबा मैम मैंने 2004 के आसपास पहले भी सुना हुआ था, शिक्षा के क्षेत्र व आकाशवाणी के माध्यम से। आप श्रीमती साहिबा नासिर जी (नगीना, उत्तर प्रदेश) से और श्रीमान नासिर सिद्दीकी जी (अमरोहा,उत्तर प्रदेश) से और आपकी पुत्री शैरी नासिर, आपका परिवार सागर में 1993 से रह रहा है।
सर्वप्रथम आप से पहली बार मिलने का सौभाग्य नवंबर 2011 में प्राप्त हुआ, जब मैं और मेरा मित्र अंग्रेजी भाषा सीखने के उद्देश्य से आपसे मिले। दोनों मित्र नौकरी में होने के कारण अन्य छात्रों की तरह नहीं पढ़ सकते थे। तो आपके सामने बात रखी कि अलग समय में शाम 7:00 बजे के बाद ही पढ़ सकते हैं। तो आपने हमारी पढ़ने की इच्छा को देखते हुए अपने शाम के व्यस्त समय में भी हमें शाम 8:00 बजे सिर्फ हम दोनों को पढ़ाने हेतु स्वीकृति दे दी। कुछ एक माह पढ़ने के बाद मेरा ट्रांसफर इंदौर हो गया और हम वह कोर्स पूरा न कर पाए।
जुलाई 2013 में शिक्षा विभाग में सेवा प्रारंभ करने के बाद 2014-15 के आसपास एक बार फिर अंग्रेजी भाषा सीखने हेतु आपके पास आया। और फिर पिछली बार की तरह ही इस बार भी एक माह बमुश्किल से पढ़ पाया और कुछ विभागीय प्रशिक्षण व कार्य के चलते फिर कोर्स पूरा ना हो पाया।
नवंबर 2011 से अप्रैल 2020 में जब भी मुझे अंग्रेजी भाषा संबंधित जानकारी लेनी पड़ी। तो मैंने कभी भी किसी भी समय आपको फोन लगाया तो आपने बड़ी सरलता से मुझे पूर्ण मदद प्रदान की। वर्तमान मई 2020 को आपके whatsapp status पर lockdown में मैंने online batch की जानकारी देखी। तो आपसे संपर्क किया तो एक बार पुनः पढ़ने व सीखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही इस बार मैं भी विश्वस्त हूं और आप ने भी आश्वस्त किया है कि lockdown के बाद भी इस तरह के कुछ batch online चलते रहेंगे। तो अंग्रेजी भाषा पर मेरी पकड़ मजबूत हो जाएगी।
आपका जो बच्चों के प्रति स्नेह व सीखने सिखाने हेतु प्रयास है, उन्हें देखकर मुझे शिक्षा के क्षेत्र में भी सदैव सहायता प्राप्त होगी। आपके द्वारा जीवन में मुझे सदैव प्रेम स्नेह शिक्षक के साथ साथ, मां का प्रेम व स्नेह भी आपने मुझे प्रदान किया है। आज के दिन आपके जन्मदिन से आपकी चर्चा के माध्यम से मेरे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जो भी गुरु रहे उन सभी को चर्चा के माध्यम से अपने गुरुओं का आभार व्यक्त करने का एक अवसर प्राप्त हुआ हैं।
हमारे यहां शिक्षक व गुरु का एक विशेष दर्जा है प्रथम गुरु माँ, विद्यालय गुरु के रूप में प्रिय शिक्षक, आध्यात्मिक क्षेत्र के गुरु, व्यवसाय या कार्यक्षेत्र के अलग-अलग गुरु होते हैं। मैं अपने जीवन के समस्त क्षेत्रों के गुरु जिनके कारण में हर विषम परिस्थिति से बाहर निकल पाया, उन सभी से आपको post के माध्यम से मैं परिचित कराने का प्रयास करूंगा। कुछ निम्नलिखित पंक्तियों के साथ आज की बात को विराम देता हूं-
https://jeevanekavsar.blogspot.com/2020/05/shikshakaarth.html?m=1
ईश्वर से विनय है कि प्रभु आपकी सभी इच्छाएं सदैव प्रभु पूर्ण करें व निम्नलिखित पंक्तियों के माध्यम से खुदा से मेरी दुआ यह है कि
"आपके जन्मदिन पर मैं करता हूँ यह दुआ,
खुशियां आपके दामन से कभी ना हो जुदा,
खुदा की रहमतों में कभी कमी ना आए,
आपके होठों की मुस्कुराहट ना जाए।।"
मैं अपनी किस्मत पर खुश होता हूँ, जिसके भरोसे मुझे आपका स्नेह और आशीर्वाद मिला।
आपका शुभ नाम साहिबा मैम मैंने 2004 के आसपास पहले भी सुना हुआ था, शिक्षा के क्षेत्र व आकाशवाणी के माध्यम से। आप श्रीमती साहिबा नासिर जी (नगीना, उत्तर प्रदेश) से और श्रीमान नासिर सिद्दीकी जी (अमरोहा,उत्तर प्रदेश) से और आपकी पुत्री शैरी नासिर, आपका परिवार सागर में 1993 से रह रहा है।
सर्वप्रथम आप से पहली बार मिलने का सौभाग्य नवंबर 2011 में प्राप्त हुआ, जब मैं और मेरा मित्र अंग्रेजी भाषा सीखने के उद्देश्य से आपसे मिले। दोनों मित्र नौकरी में होने के कारण अन्य छात्रों की तरह नहीं पढ़ सकते थे। तो आपके सामने बात रखी कि अलग समय में शाम 7:00 बजे के बाद ही पढ़ सकते हैं। तो आपने हमारी पढ़ने की इच्छा को देखते हुए अपने शाम के व्यस्त समय में भी हमें शाम 8:00 बजे सिर्फ हम दोनों को पढ़ाने हेतु स्वीकृति दे दी। कुछ एक माह पढ़ने के बाद मेरा ट्रांसफर इंदौर हो गया और हम वह कोर्स पूरा न कर पाए।
जुलाई 2013 में शिक्षा विभाग में सेवा प्रारंभ करने के बाद 2014-15 के आसपास एक बार फिर अंग्रेजी भाषा सीखने हेतु आपके पास आया। और फिर पिछली बार की तरह ही इस बार भी एक माह बमुश्किल से पढ़ पाया और कुछ विभागीय प्रशिक्षण व कार्य के चलते फिर कोर्स पूरा ना हो पाया।
नवंबर 2011 से अप्रैल 2020 में जब भी मुझे अंग्रेजी भाषा संबंधित जानकारी लेनी पड़ी। तो मैंने कभी भी किसी भी समय आपको फोन लगाया तो आपने बड़ी सरलता से मुझे पूर्ण मदद प्रदान की। वर्तमान मई 2020 को आपके whatsapp status पर lockdown में मैंने online batch की जानकारी देखी। तो आपसे संपर्क किया तो एक बार पुनः पढ़ने व सीखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही इस बार मैं भी विश्वस्त हूं और आप ने भी आश्वस्त किया है कि lockdown के बाद भी इस तरह के कुछ batch online चलते रहेंगे। तो अंग्रेजी भाषा पर मेरी पकड़ मजबूत हो जाएगी।
आपका जो बच्चों के प्रति स्नेह व सीखने सिखाने हेतु प्रयास है, उन्हें देखकर मुझे शिक्षा के क्षेत्र में भी सदैव सहायता प्राप्त होगी। आपके द्वारा जीवन में मुझे सदैव प्रेम स्नेह शिक्षक के साथ साथ, मां का प्रेम व स्नेह भी आपने मुझे प्रदान किया है। आज के दिन आपके जन्मदिन से आपकी चर्चा के माध्यम से मेरे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जो भी गुरु रहे उन सभी को चर्चा के माध्यम से अपने गुरुओं का आभार व्यक्त करने का एक अवसर प्राप्त हुआ हैं।
हमारे यहां शिक्षक व गुरु का एक विशेष दर्जा है प्रथम गुरु माँ, विद्यालय गुरु के रूप में प्रिय शिक्षक, आध्यात्मिक क्षेत्र के गुरु, व्यवसाय या कार्यक्षेत्र के अलग-अलग गुरु होते हैं। मैं अपने जीवन के समस्त क्षेत्रों के गुरु जिनके कारण में हर विषम परिस्थिति से बाहर निकल पाया, उन सभी से आपको post के माध्यम से मैं परिचित कराने का प्रयास करूंगा। कुछ निम्नलिखित पंक्तियों के साथ आज की बात को विराम देता हूं-
"गुमनामी के अंधेरे में था पहचान बना दिया,
दुनिया के गम से अनजान बना दिया,
गुरु की ऐसी कृपा हुई जिन्होंने मुझे,
एक अच्छा इंसान बना दिया।।"
एक बार पुनः जन्मदिन की आपको हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐
साथ ही ईश्वर से प्रार्थना है कि आपका प्रेम व स्नेह सदैव हम सभी शिष्यों पर सदा बना रहे।
आप सभी मित्रों को कोटि-कोटि धन्यवाद व ईश्वर को प्रणाम🙏🏻
पिछली पोस्ट पर जाने हेतु लिंक-


Comments