रक्तदान-महादान
बात शुरुआत की
"दीजिये मौका अपने खून को किसी की रगों में बहने का, यही लाजवाब तरीका है कई जिस्मों में जिंदा रहने का।"
🙏साथियों नमस्कार 🙏
मित्र कमलेश को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि प्रभु इन्हें पूर्ण स्वस्थ रखें, मस्त रखें व व्यस्त रखें।
आज इनके जन्मदिन के साथ मेरे जीवन की एक घटना की चर्चा करते हुए रक्तदान की शुरुआत की बात करता हूँ। जब मैंने पहला रक्तदान करवाने हेतु प्रयास किया था तब यही वो साथी थे, जिन्होंने सन 2007 में रक्तदान कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी। मुझे याद है मेरे साथी के परिवार में रक्त की आवश्यकता थी और मैंने अपनी मित्र मंडली में संपर्क किया। तब मित्र कमलेश ने रक्तदान किया था और आज जब भी रक्तदान हेतु संपर्क किया तो सदैव रक्तदान हेतु तैयार रहते हैं।
सन 2007 में हमने मिलकर पहला रक्तदान किया था, तब से धीरे धीरे आवश्यकता पड़ने पर कभी कभी सौभाग्य से जब भी अवसर प्राप्त हुआ तो जरूरतमंद के लिए रक्त की व्यवस्था कराने का पूर्ण प्रयास करते रहे। इसके साथ ही एक पारिवारिक घटना जो 2019 में घटी, उस घटना के बाद इस रक्तदान कार्यक्रम को नियमित करने का विचार बना। दीपावली 2019 में परिवार के सदस्य को डेंगू होने की वजह से अत्यधिक रक्त की आवश्यकता हुई, तब समस्त साथियों ने उस कठिन परिस्थिति में हमें पर्याप्त पूर्ण सहयोग प्रदान करते हुए रक्तदान किया। घटना के बाद रक्तदान करने हेतु नियमित प्रयास प्रारंभ किए जब भी आसपास जिन भी माध्यमों से जानकारी प्राप्त होती है, कि परिचित या अपरिचित जिन्हें भी रक्त की आवश्यकता है। उन्हें हमारी टीम प्रयास कर रक्त की व्यवस्था करने की कोशिश करती हैं।
मैं व्यक्तिगत रूप से मित्र कमलेश का आभारी हूं जिन्होंने उस समय मुझे अपनी स्वीकृति प्रदान की थी, हो सकता कि अगर शायद उस दिन स्वीकृति प्रदान ना करते, तो शायद यह शुरुआत ना हो पाती। क्योंकि जब हम किसी कार्य की शुरुआत करते हैं और हमें सहयोग प्राप्त होता जाता है, तो हम कार्य को नियमित करपाने में सक्षम होते जाते हैं। अगर सहयोग प्राप्त ना हो तो कार्य में निरंतरता नहीं बन पाती और हम उस कार्य को रोक देते हैं।
इस कार्य को नियमित करते हुए दिनांक 19 दिसंबर 2020 को जीवन एक अवसर समिति द्वारा पहला रक्तदान शिविर जैसीनगर, सागर में आयोजित किया गया। सभी रक्तदाताओं को कोटि कोटि धन्यवाद व आभार।
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