"परिचय विचार का"


                       "परिचय विचार का"

                 ईश्वर को नमन व साथियों को नमस्कार🙏

      मेरा प्रयास सदैव लेखन के माध्यम से विचार को प्रस्तुत कर, उसे (विचार) विस्तार देने का रहता है। जिससे कि आप सभी उसमें जो भी त्रुटि हो, उन्हें दूर कराकर सदैव निखारने में सहयोग प्रदान करते रहें। इस विचार को आगे बढ़ाने हेतु आज की पोस्ट आपके समक्ष प्रस्तुत है-

               साथियों पिछली पोस्ट में वैश्विक स्तर की दो घटनाओं जिनकी चर्चा अभी शेष हैं, उनमें से एक घटना सुशांत सिंह राजपूत द्वारा आत्महत्या के निर्णय को लेकर कुछ विचार, दूसरी घटना भारत-चीन घटनाक्रम को लेकर विचारों को एकरूपता देने की कोशिश हैं। आज की वर्तमान स्थिति में निकले दिनों में निजी घटनाओं के चलते कुछ स्थिति ऐसी हैं, जिसमें लेखन हेतु मानसिक स्थिति प्राप्त कर पाना थोड़ा कठिन महसूस हो रहा हैं। फिर भी आज और पिछले दिनों की कुछ बातों को लेकर एक लेख आपके समक्ष प्रस्तुत हैं। आपके साथ मेरे अनुभव को प्रस्तुत कर उनसे सीखने की क्रिया सतत चलती रहती हैं। इस हेतु मैं सदैव अपने विचार जब भी समय मिलता हैं, उन्हें लिखकर आपके साथ प्रस्तुत कर, उनमें से सीख कर सकारात्मक परिवर्तन हेतु मेरे प्रयास सदैव जारी रहते हैं।
             
              आज दिनांक 16.7.020 को जीवन एक अवसर समिति परिवार के सदस्य अंकित गौतम को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।  ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ रहें, व्यस्त रहें और मस्त रहें।
         इसके पहले भी मैंने विचार रखने की कोशिश की है और आज एक बार पुनः उसी बात को दोहराना चाहता हूं कि मेरे साथ आप सभी का सहयोग व प्रेम हैं, जिसे मैं कभी अपने जीवन में नहीं चुका सकता। आप सभी के सहयोग, प्रेम व विश्वास से "जीवन एक अवसर समिति, जैसीनगर" जिसे आज एक नाम मिल गया है। इसके पूर्व नाम के बिना भी हम सभी मिलकर पिछले 6 वर्षों से कार्य कर रहे हैं।
         इस परिवार के अंकित गौतम जी एक सक्रिय सदस्य हैं। जिनसे मेरा परिचय इस कार्य के पहले से भी रहा है, मगर इस कार्य की शुरुआत के बाद आपके समक्ष जब मैंने अपने विचार प्रस्तुत किए तो उस दिन बड़े सहज व सरल भाव से आपने अपनी सहमति प्रदान की थी। इसके अतिरिक्त आपने पूछा था कि अगर आपके गांव अगरिया (जैसीनगर-सागर) में शिक्षा में सहयोग हेतु परिवर्तन व सुधार करना चाहूं, तो हम मिलकर एक साथ कार्य करना चाहेंगे। तो मैंने यही कहा था ईश्वर कृपा से अगर कार्य का विस्तार हुआ तो जरूर हम एक साथ कार्य करेंगे। आज इस समिति के निर्माण की प्रक्रिया सतत जारी है और आप सभी के सहयोग व विश्वास से इस कार्य का विस्तार शीघ्र नजदीक के क्षेत्रों में भी होगा।
               आप अंकित गौतम अपने स्तर पर ग्राम अगरिया में शैक्षिक वातावरण हेतु सहयोग प्रदान कर ही रहे हैं। साथ ही आप हमें भी भरपूर समय व सहयोग देते हैं। आपकी बात रखने का मेरा उद्देश्य मुख्य यही है कि समान सकारात्मक विचारधारा वाले साथियों को एकत्रित कर हम सभी अपने अपने ग्राम व शहर में जहां भी हम थोड़ा बहुत सकारात्मक परिवर्तन कर सकते हैं,ऐसे साथियों व स्थानों का चयन सदैव करते रहे।
            अंत में निम्नलिखित पंक्तियों के साथ में आज की बात को यही रोकना चाहूंगा। बुंदेलखंड में कुछ पंक्तियां कही जाती हैं और दूसरे स्थानों पर भी कुछ ना कुछ पंक्ति जरूर होगी। जिन्हें समझ कर किसी व्यक्ति के प्रति अपने विचार बनाना चाहिए। मैं या हम सुनकर कोई व्यक्ति के प्रति विचार का निर्माण ना करें। पंक्तियां कुछ इस प्रकार है कि

                                   "घोड़ा जानिए कसके, आदमी जानिए बसके"

            इन पंक्तियों का बड़ा सरल सा अर्थ है कि घोड़े को तब तक सही नहीं कहना चाहिए कि जब तक उसकी घुड़सवारी ना की जाए और किसी व्यक्ति को अच्छा या बुरा तब तक नहीं कहना चाहिए, जब तक उसके साथ कुछ समय रहकर ना गुजारा जाए।
           आगे आगामी पोस्ट में इसी बात को विस्तार देने का प्रयास रहेगा और साथ ही जो घटनाएं जिनका जिक्र शेष है उन्हें भी लिखने का प्रयास करूंगा।
           



         चित्र आभार-  sharechat.com और lovepik.com

   









Comments

Unknown said…
सकारात्मक सोच।
युवाओं के लिए उच्चकोटी का मार्गदर्शन।🙏
कोटि कोटि धन्यवाद🙏