विचार का असर(जीवन अनुभव 02)

          

                " विचार का असर (जीवन अनुभव03)" 

                       ईश्वर को प्रणाम व सभी साथियों को नमस्कार🙏

 बीते कल में 07/05/020 को मेरे मित्र बादल चौरसिया व सतीश भंडारी, और आज 09.05.020 में आशीष नामदेव को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं । पिछले दिनों से कार्य की व्यस्तता के चलते मैं post नही बना पाया।
               इस पोस्ट में  बहुत कुछ बताने को ऐसा है जो पिछले दिनों में घटित हुआ मगर आगामी पोस्ट के माध्यम से धीरे धीरे उन अनुभवों को आपसे जरूर साझा करूंगा। सभी परिचितों का मेरे जीवन में बड़ा ही सकारात्मक सहयोग रहा। आज की इस पोस्ट के माध्यम से मैं बादल चौरसिया व आशीष नामदेव के विचारों व उनके सकारात्मक कार्यों को एक मामूली झलक देने की कोशिश कर रहा हूं । भविष्य में पर्याप्त समय के साथ इनके किए गए सकारात्मक कार्य, सकारात्मक व्यवहार व सहयोग से हमारी टीम शिक्षा के क्षेत्र में व समाज में कितना कार्य कर पाई, उसको समयानुसार भविष्य में विस्तार से बताने की कोशिश रहेगी।

                     मैं मित्र बादल चौरसिया की उत्सुकता, सहयोग व  सकारात्मक बदलाव हेतु सदैव सहयोग प्रदान करने वाले विचार से अत्याधिक प्रभावित हुआ और उनके माध्यम से इस तरह हम भी सोच पाए तो बहुत कम समय में बहुत बड़ा बदलाव हम सभी ला सकते हैं। 
                     आपके परिवार से मुझे 2007 में जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।  समयाभाव के कारण सीधा जनवरी 2020 में आता हूँ, आप सत्र 2019-20 में शाला परिवार में सक्रिय सहभागिता हेतु जुड़े आप से चर्चा हुई और आपने अपने परिवार से चर्चा की, तो परिवार के सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। lockdown के चलते आपका और मेरा विद्यालय में एक साथ पहुंचना हो नहीं पाया और इस समय lockdown के समय में "जीवन एक अवसर" विचार की उत्पत्ति के बाद आपने अपने पूरे परिवार के साथ इस कार्य में जुड़ने की अपनी सहमति दी। इसके साथ ही आपकी पत्नी श्रीमती नेहा चौरसिया जी ने मातृशक्ति टीम का सदस्य बनकर कार्य करने की सहमति दी।

                             आप आशीष के साथ मित्रता सन 2000 से है। जुलाई 2013 में आपने और मैंने शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षक के पद पर एक साथ कार्य प्रारंभ किया। आपकी रुचि प्रारंभ से ही चित्रकला में बहुत रही और आप अपने क्षेत्र जैसीनगर के नामचीन चित्रकारों में से एक हैं ।  सौभाग्य से डीआरजी चयन प्रक्रिया में आप और मैं दोनों एक ही कक्षा में बैठे हुए थे। वहां पर मैंने आपके समक्ष विचार रखा कि विद्यालय में एक स्मार्ट कक्ष का निर्माण करना है, जिसमें कुछ चित्र आप बना पाएंगे।  मैंने कहा कि मेरे पास किसी भी तरह का fund ऐसा अभी विशेष नहीं हैं जिसमें से आपको कुछ पारिश्रमिक प्रदान कर पाऊंगा। आपने बड़ी खुशी से बिना किसी पारिश्रमिक के विद्यालय के कक्ष निर्माण में अपनी सहमति मुझे प्रदान की। शाला परिवार में आपने जुड़कर मात्र एक कक्ष में चित्रकारी ना करते हुए, आपके विचार व सुझाव शाला परिवार के विचार व सुझाव को एक साथ समाहित करते हुए, विद्यालय के अधिकतर भाग में आपने अपनी कला के माध्यम से अधिकतर परिसर को चित्रमय बना दिया। यह सिर्फ और सिर्फ आपकी सकारात्मक सोच का व सहयोग देने का परिणाम है, जिससे यह संभव हो पाया। इसके साथ ही आपकी और मेरी मित्रता लगातार गहरी होती गई।आज "जीवन एक अवसर" कार्यक्रम में आपने अपनी सहभागिता हेतु स्वीकृति प्रदान की और साथ ही आपने अपनी पत्नी श्रीमती उमा नामदेव जी को भी इस कार्यक्रम में जोड़ा हैं।

                         इस बात को रखने का तात्पर्य मात्र यह है कि इस तरह अगर सकारात्मक सहयोग प्राप्त होता रहा, तो हम शीघ्र ही अपने उद्देश्य की बेहतरीन शुरुआत करते हुए शीघ्र ही मंजिल को पा लेंगे।

                      कुछ  निम्नलिखित पंक्तियों के साथ आज की बात को पूरा करता हूँ -
   
                    "सुख भी बहुत हैं परेशनियाँ भी बहुत हैं,
                    जिंदगी में लाभ हैं तो हानियाँ भी बहुत हैं।
                    क्या हुआ जो प्रभु ने थोड़े गम दे दिए,
                    उसकी हम पर मेहरबानियाँ भी बहुत हैं।।"

                         ईश्वर को प्रणाम आप सभी को कोटि-कोटि नमन🙏

      पिछली पोस्ट पर जाने हेतु लिंक-
                   https://jeevanekavsar.blogspot.com/2020/05/abhimaanachchhanahi.html?m=1















Comments

Anoop Dubey said…
बहुत ही सराहनीय कार्य।
शुभकामनाएं
Shrikant mishra said…
सौभाग्यशाली व्यक्तियों को ही ऐसे सकारात्मक विचारों से संपन्न मित्र प्राप्त होते हैं जो आपके उद्देश्य की पूर्ती के लिए ,बिना किसी लाभ का विचार कर अपने पूर्ण सामर्थ्य से सहायता प्रदान कर आपको सफल बनाते हैं।
Shashwat pandey said…
ऐंसे ही परोपकारी मित्र व सहयोगी आपके उद्देयों को प्रगतिशील बनाएं।
🙏🏻 कोटि-कोटि धन्यवाद।
बहुत-बहुत आभार🙏🏻
भगवान से सदैव विनय हैं ऐसे मित्र सदैव प्राप्त होते हैं व पुराने मित्रों में सदैव प्रेम, विश्वास बना रहे।
बहुत-बहुत धन्यवाद 🙏🏻
भगवान की कृपा ऐसे ही प्राप्त होती रहे।
paliwal.meenu said…
आशा करती हूँ आपको आगे भी ऐसे लोग मिलते रहे और अपने स्कूल मे अच्छा काम कर पाएँ
जी कोटि कोटि धन्यवाद आपका🙏🏻