विचार बीती रात से आज सुबह तक
मूकं करोति वाचालं पङ्गुं लङ्घयते गिरिम् यत्कृपा तमहं वन्दे परमानन्द माधवम् ॥
भावार्थ- जिनकी कृपा से गूंगे बोलने लगते हैं, लंगड़े पहाड़ों को पार कर लेते हैं, उन परम आनंद स्वरुप श्रीमाधव की मैं वंदना करता हूँ॥
मेरा अनुभव है कि परमेश्वर के आशीर्वाद के बिना मैं कुछ नहीं हूँ। मैं एकमात्र निमित्त हूँ कि प्रभु ने जो भी कराने हेतु मुझे चुना उसके लिए कोटि कोटि प्रणाम। उस ईश्वर की प्रेरणा से उत्पन्न विचार आप सभी सम्मानीय जन, मित्रों के समक्ष प्रस्तुत कर पा रहा हूँ।
आप सभी साथियों को नमन एवं आप सभी का हार्दिक स्वागत
आज दिनांक 23.04.2020 की post में शायद किसी विषय पर बात न हो मगर कल दिनांक 22.04.2020 को blogger पर आया और बिना उचित तरीके से शुरुआत करने को लेकर मन में विचारों की उथलपुथल को शांत करने के लिए यह post लिख रहा हूँ।
इसके साथ ही बीते कल के पूरे घटनाक्रम से भविष्य के लिए जो आगामी योजना निर्मित हुई उसकी रूपरेखा को भी इस post में समाहित करने का प्रयास किया है।
आदरणीय सम्मानीय जन व साथियों दिनांक 22.04.2020 से लगभग एक वर्ष पूर्व से मन में विचार था, प्रक्रिया भी की, मित्र द्वारा जानकारी भी, उचित समय का निर्धारण ना होने की वजह से blogger पर blog लिखने का कार्य टल रहा था। पिछले एक वर्ष पूर्व मेरे मित्र द्वारा जानकारी दी गई blog लिखने हेतु, फिर लगभग डेढ़ माह पूर्व एक मित्र द्वारा मुझसे पूछा गया कि blog को लिखने से जुड़ी हुई कोई जानकारी है तो बताओ तो मैंने मित्र से पुनः पूछकर जानकारी लेकर दे दी। पिछले दोनों अवसरों पर मेरे मन में भी विचार था कि मुझे भी लिखना शुरू करना चाहिए। हमारे बीच के कई साथियों ने भी कहाँ कि मैं लिखूं। बीते हुए कल में सुबह मित्र से चर्चा हुई कि लिखना कैसे हैं, क्या करना है आदि फिर मैंने सोचा क्या लिखूं, किस पर लिखूँ ऐसे अनेकों प्रश्न मन में ज्वारभाटे की तरह उमड़ रहे थे फिर मन में वर्तमान समय की वैश्विक व्याधि कोरोना पर लिखने का विचार आया। उसके बाद जो भी कोरोना से संबंधित जानकारी पढ़ी, सुनी व देखी थी उसको कागज पर लिखने लगा।
दोपहर में मेरा blog "जीवन एक अवसर" में वैश्विक व्याधि नाम की पहली post publish की।
अभी तक blog का नाम जीवन रखा था जिसे शाम को परिवर्तित किया, post, profile आदि बहुत सी चीजें मैनें देखी नही थी। post complete होते ही मैने सबसे पहले अपने मित्र जिसने मुझे एक वर्ष पूर्व मार्गदर्शन दिया था उसे share की। फिर दूसरे मित्र जिससे सुबह बात हो रही थी उसने भी अपना blog बनाकर post बना ली ऐसा मुझे बताया। साथ ही शाम को मैने भी मित्र को पोस्ट शेयर की।
फिर पहले मित्र ने बताया कि blog के माध्यम से income भी कर सकते है, ऐसा नहीं था कि मुझे income का पता नहीं था (उसकी पूरी जानकारी नहीं थी और अभी तक विस्तृत जानकारी प्राप्त नहीं की हैं, जल्द ही प्राप्त कर लेंगे।) मगर मैं आय करने को लेकर तैयार नहीं था। दोपहर से रात तक मित्र ने विस्तार से बताया और भरपूर मदद की। मित्र के लिए कोटि कोटि धन्यवाद।
पूरे दिन में, रात को सोने के पहले व सुबह से उठकर इस blog को आय का स्रोत बनाकर व आय के उपयोग पर विचार करना प्रारंभ किया। तो जैसा कि साथियों आप सभी को ज्ञात है कि आप सभी के सहयोग से वर्ष 2014 से शासकीय प्राथमिक शाला, औरिया, जैसीनगर, सागर( वर्तमान शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला) में शाला विकास पर कार्य हो रहा है जिसमें ग्रामवासियों, ग्राम पंचायत, शासन द्वारा, शाला परिवार, मित्र, रिश्तेदार व परिवार के सदस्यों द्वारा पर्याप्त सहयोग व समय दिया जा रहा है। तो फिर विचार आया कि अगर आप सभी का सहयोग व समय जैसे कि पहले ही मिल रहा है वैसे ही प्राप्त होगा ऐसा मुझे विश्वास है तो इससे अगर आय की जाए तो इस आय का उपयोग शाला व सामाजिक कार्यों में किया जा सकता है अतः आप सभी को इस platform से जोड़कर मैं अपने विचार share करूँगा तथा साथ ही आप अपने विचार सांझा कर सकते है। इसके साथ ही blogger पर और भी बहुत से जानकार हैं जो अपने ज्ञान व अनुभव को share करते है तो यहां पर हम उन्हें पढ़ भी सकते हैं व follow कर सकते है।
आप अपने समय में से समय देकर blog पढ़ कर feedback दे जिससे कि होने वाली त्रुटि में सुधार कर सकूं साथ ही और विषयवस्तु बताये व जिनपर मैं अपने विचार लिखूँ या आप अपने विचार भी लिख कर share कर सकें। आप और हम मिलकर शिक्षा व समाज में कार्य करेंगे।
इस लेख में जो भी त्रुटि हुई हो तो आप सभी से निवेदन है कि आप मुझे comment के माध्यम से बताए जिससे कि भविष्य में त्रुटि का दोहराव न हो। इसी विनय के साथ आप सभी का आशीर्वाद, प्रेम, दुआएं व सहयोग मिलता रहे इसी आशा व विश्वास के साथ सधन्यवाद।

Comments
आपको सफलता अवश्य मिलेगी क्योंकि आपका प्रयोजन एवं उद्देश्य परहित करना है अतः अग्रिम बधाई के साथ अनेकानेक शुभकामनाएँ।
आपकी प्रेरणा व सहयोग का ही असर हैं जैसे हर क्षेत्र में कोई ना कोई गुरु होता हैं उसी तरह आप मेरे blogger के गुरु हैं। इस यज्ञ में प्रार्थनारूपी आहुति तो आप रोज देती ही हैं। ईश्वर से प्रार्थना है आपका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहे। सधन्यवाद
आपकी दुआ व सहयोग मिलता रहे ईश्वर से यही प्रार्थना है।
क्षमा चाहूँगा आपका नाम यहाँ नही दिख रहा क्या आपका परिचय मिल पायेगा।
आपका सुझाव व सहयोग मिले 🙏🏻
परन्तु याद रखे लेखन समस्त दृष्टि से निपच्छ हो।।
समस्त विश्व के प्रभु श्री कृष्ण व श्री राधारानी की कृपा से व आप सभी की शुभकामनाओं से लेखन व कार्य सदैव निष्पक्ष रहेगा।